शोधकर्ताओं ने पश्चिमी घाट में वनों की कटाई रोकने हेतु तत्काल कदम उठाने का एक अन्य कारण खोजा है। पश्चिमी घाट में सघन वनस्पति यह निर्धारित करती है कि ग्रीष्म मानसून के दौरान तमिलनाडु को कितनी वर्षा प्राप्त होती है।
जर्नल जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स में प्रकाशित इस अध्ययन में यह भी पाया गया कि घाट के वनों की कटाई के कारण राज्य भर में सतही तापमान में 0.25 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई। यह कार्य मैरीलैंड विश्वविद्यालय के प्रो. रघु मुर्तुगुड्डे एवं सीएसआईआर-फोर्थ पैराडाइम इंस्टीट्यूट (सीएसआईआर-एनआईडीएसए), बैंगलोर के डॉ. के. राजेंद्रन के सहयोग से किया गया।