डॉ. प्रथाप गैर-रैखिक संरचनात्मक यांत्रिकी (नॉन-लीनियर स्ट्रक्चरल मैकेनिक्स) एवं फिनाइट एलिमेंट विश्लेषण में विशेषज्ञता रखने वाले एक प्रख्यात वैज्ञानिक हैं। उन्होंने गैर-रैखिक संरचनात्मक यांत्रिकी के क्षेत्र में लगभग 30 शोध पत्रों का योगदान दिया — जिनमें पतले शेल्स के गैर-रैखिक कंपनों की भौतिकी एवं गणितीय मॉडलिंग संबंधी दीर्घकालिक विवाद का समाधान भी शामिल है। उनका एक असाधारण शैक्षणिक रिकॉर्ड रहा है, जिसमें 1969 में IIT JEE में प्रथम रैंक तथा IIT मद्रास के बी.टेक उपाधि कार्यक्रम में प्रथम रैंक हेतु भारत के राष्ट्रपति पुरस्कार शामिल है। 1990 में, उन्हें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में एस.एस. भटनागर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वे भारतीय विज्ञान अकादमी एवं भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (INSA) के फेलो हैं। वर्तमान में, वे सीएसआईआर-निस्केयर (NISCAIR) के निदेशक हैं।