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सीएसआईआर-राष्ट्रीय डेटा विज्ञान एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता संस्थान

(पूर्व में चैथा पैरारडाइम संस्थान तथा गणितीय प्रारूपण एवं कम्प्यूटर अनुकरण केन्द्र)

वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की एक घटक प्रयोगशाला की एक घटक प्रयोगशाला।.


विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार

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श्री जितेंद्र जे. जाधव

प्रमुख (अतिरिक्त प्रभार)

सीएसआईआर फोर्थ पैराडाइम इंस्टीट्यूट (सीएसआईआर-4पीआई), एनएएल बेलूर परिसर, बैंगलोर-560037, भारत

फोन: (+91)80-25224667, 25051920 एवं फैक्स: (+91)80-25220392

श्री जितेंद्र जे. जाधव, जिनका जन्म 19 दिसंबर 1965 को हुआ, वर्तमान में सीएसआईआर-4पीआई के प्रमुख (अतिरिक्त प्रभार) तथा सीएसआईआर-राष्ट्रीय वैमानिकी प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनएएल), बैंगलोर के निदेशक हैं। श्री जाधव ने 1987 में पुणे विश्वविद्यालय से बी.ई. (इलेक्ट्रॉनिक्स) तथा रक्षा उन्नत प्रौद्योगिकी संस्थान (DIAT), पुणे के कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग से एमएस की उपाधि प्राप्त की।

उन्हें सेना, नौसेना, वायुसेना, औद्योगिक एवं रेलवे अनुप्रयोगों हेतु सैन्य प्रणालियों के डिज़ाइन एवं विकास में 29 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने टैंकों हेतु फायर कंट्रोल सिस्टम, निशांत हेतु एयरबोर्न डिजिटल ऑप्ट्रॉनिक पेडस्टल, नौसेना हेतु ऑप्टिकल फायर कंट्रोल सिस्टम, LCA हेतु मिशन एवं डिस्प्ले कंप्यूटर, LCA हेतु हथियार नियंत्रण प्रणाली, हेलीकॉप्टर हेतु सामरिक मिशन प्रणाली, तथा ऑटोमोबाइल/रेलवे हेतु डिजिटल सर्वो सिस्टम जैसी प्रमुख प्रणालियों का डिज़ाइन, विकास एवं व्यावसायीकरण किया है।

27 जून 2016 को निदेशक, सीएसआईआर-एनएएल का कार्यभार संभालने से पूर्व, श्री जाधव ने वैमानिकी विकास एजेंसी (ADA), बैंगलोर में उत्कृष्ट वैज्ञानिक, परियोजना निदेशक, LCA (AF Mk1) तथा समूह निदेशक (हथियार एवं मिसाइल प्रणाली) के रूप में कार्य किया। परियोजना निदेशक-LCA के रूप में, LCA की प्रारंभिक परिचालन मंजूरी एवं सेवाओं में शामिल करने की दिशा को आगे बढ़ाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके नेतृत्व में LCA ने कई प्रमुख उपलब्धियां हासिल कीं, जिनमें से कुछ हैं: आयरन फिस्ट 2013 में LCA की लाइव स्विंग रोल क्षमता का प्रदर्शन, प्रारंभिक परिचालन मंजूरी, एयर टू एयर (A/A) एवं एयर टू ग्राउंड (A/G) हथियारों का एकीकरण, विमान को सेवा में शामिल करना, तथा बहरीन अंतरराष्ट्रीय एयर शो में भागीदारी। परियोजना निदेशक (LCA-MK1-AF) के रूप में नियुक्ति से पूर्व वे समूह निदेशक, हथियार एवं मिशन कंप्यूटर प्रभाग थे। उनकी तकनीकी विशेषज्ञता एवं मार्गदर्शन में LCA हेतु एक स्वदेशी डिजिटल वेपन्स मैनेजमेंट सिस्टम एवं मिशन डिस्प्ले कंप्यूटर विकसित किया गया, जिससे देश की पर्याप्त विदेशी मुद्रा की बचत हुई। क्लोज्ड कॉम्बैट मिसाइलों, बियोंड विज़ुअल रेंज (BVR) मिसाइल, लेज़र गाइडेड बमों तथा पारंपरिक/स्मार्ट हथियारों के एकीकरण हेतु LCA के शस्त्रीकरण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

उन्होंने वर्ष 2000 में ADA का डिज़ाइन पुरस्कार, वर्ष 2008 में DRDO वर्ष का वैज्ञानिक पुरस्कार, वर्ष 2013 में तेजस की प्रारंभिक परिचालन मंजूरी हेतु DRDO प्रदर्शन उत्कृष्टता पुरस्कार, तथा वर्ष 2014 में स्वावलंबन में उत्कृष्टता हेतु अग्नि पुरस्कार प्राप्त किया है। उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में 20 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए हैं।

NAL में अपने अल्प कार्यकाल के दौरान, NAL को प्रौद्योगिकी नवाचार पुरस्कार 2016 तथा टेक्नोफेस्ट पुरस्कार 2016 प्राप्त हुआ।