द्वारा के. शिम्ना, आर. के. अर्चना, सी. विनीत, गैंग लू, टी. के. पंत एवं एम. एस. एम. विजयन
यह अध्ययन, ग्लोबल-स्केल ऑब्ज़र्वेशन्स ऑफ द लिम्ब एंड डिस्क (GOLD) के प्रतिवेदनों से प्राप्त आयनमंडलीय F-क्षेत्र के शिखर इलेक्ट्रॉन घनत्व का उपयोग करते हुए, पहली बार एक अद्वितीय परिघटना को प्रस्तुत करता है: 23 अप्रैल 2023 के भूचुंबकीय तूफान के मुख्य चरण के दौरान गोलार्धों के मध्य भूमध्यरेखीय आयनीकरण विसंगति (EIA) शिखरों की तीव्रता का तीव्र प्रत्यावर्तन। तात्कालिक भेदन विद्युत क्षेत्र (Prompt Penetration Electric Field) ने दोनों EIA शिखरों की तीव्रता को बढ़ाया। हालांकि, दक्षिणी शिखर पर हुई वृद्धि एक घंटे के भीतर क्षीण होने लगी, जबकि उत्तरी शिखर सुदृढ़ होने लगा। थर्मोस्फीयर-आयनोस्फीयर-इलेक्ट्रोडायनामिक्स जनरल सर्कुलेशन मॉडल (TIE-GCM) के अनुकरणों से संकेत मिलता है कि इन विविधताओं में ट्रांस-इक्वेटोरियल पवन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भू-आधारित कुल इलेक्ट्रॉन कंटेंट (TEC) मापनों के वेवलेट पीरियडोग्राम ने ट्रैवलिंग आयनोस्फेरिक डिस्टर्बेंसेज़ (TIDs) की उपस्थिति की पुष्टि की। तूफान-प्रेरित पवनों एवं TIDs ने संभवतः F-शिखरों की ऊंचाई तथा शिखरों के मध्य पुनर्संयोजन दरों को परिवर्तित किया, तथा ट्रांस-इक्वेटोरियल पवनों द्वारा प्लाज़्मा परिवहन ने भी इस दुर्लभ परिघटना में योगदान दिया।
स्रोत: https://doi.org/10.1029/2025GL117213